मेरी नई नई मीना भाभी

Saturday, 14 April 2012

मेरा नाम लक्की है, मैं आपके सामने अपनी पहली कहानी पेश करने जा रहा हूँ। सबसे पहले मैं गुरूजी का धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने मेरी कहानी को समझा और अन्तर्वासना के माध्यम से आप लोगों तक पहुँचाया और उन फड़कती हुई चूतों को भी मेरा सलाम जो हमेशा किसी लण्ड की तलाश में रहती हैं। चूतें हमेशा चुदने के लिए होती हैं !
दोस्तो, बात उस वक्त की है जब मेरे बड़े भाई की नई-नई शादी हुई थी। जब मैंने पहली बार भाभी को देखा तो मैं उन्हें देखता ही रह गया। मेरी भाभी का फीगर 36-28-36 है। वो बहुत ज्यादा सैक्सी लगती हैं। लेकिन कुछ करने की हिम्मत नहीं हुई। सभी मेहमान शादी के एक-दो दिन तक सभी जा चुके थे। लेकिन मेरी चचेरी बहन नहीं गई थी।
भाभी और मैं आपस में बातें करने लगे। ऐसे ही एक महीना निकल गया। मैं नहीं जानता था कि भाभी भी मुझे पहले दिन से ही पसन्द करने लगी थी। यह भाभी ने मुझे बाद में बताया था।
सर्दी का मौसम था, काफी ठंड थी ! एक दिन वो बीमार पड़ गई। करीब दो हफ़्ते तक मैं उन्हें दवा दिलाने ले जाता रहा। एक दिन अचानक घर पर मेहमान आ गए।
तो जगह कम होने के कारण मैं, भाभी और मेरा छोटा भाई एक साथ सो गए। रात एक बजे मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि भाभी को ठंड लग रही थी।
मैंने भाभी से पूछा- क्या हुआ भाभी? आप इतना कांप क्यों रही हैं?
भाभी ने कहा- मुझे ठंड लग रही है।
तो मैंने अपनी रजाई भी उन्हें औढ़ा दी और मैं भी उनके साथ ही सो गया। अचानक उन्होंने अपना सर मेरी बाजू पर रख दिया। मेरी तो मानो मन की मुराद ही पूरी हो गई। लेकिन आगे कुछ नहीं कर पाया। इसी तरह दो हफ़्ते निकल गए।
मेरी चचेरी बहन अब जा चुकी थी। एक दिन घर पर कोई नहीं था। मैं और मेरी भाभी बातें कर रहे थे।
मैंने भाभी से पूछा- भाभी, शादी से पहले आपकी फ्रेंडशिप थी?
भाभी ने कहा- नहीं !
तभी भाभी ने कहा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
तो मैंने कहा- है !
तो उन्होंने कहा- तुम उससे मिले भी हो या फ़ोन पर ही बात करते हो?
मैंने कहा- मिल ही नहीं चुका हूँ, मैं कई बार उसके साथ कर भी चुका हूँ !
तभी भाभी बोली- क्या कर चुके हो?
मैं थोड़ा शरमाया।
भाभी बोली- बोलिए ना !
मैंने कहा- मैं सेक्स की बात कर रहा हूँ।
भाभी ने कहा- तुम तो बहुत शैतान हो ! मैं तो तुम्हें बहुत शरीफ समझती थी।
भाभी के ऐसा कहने पर मुझे बहुत शरम महसूस हुई। तभी भाभी नहाने के लिए चली गई । कुछ देर बाद मुझे भाभी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी तो मैंने दरवाजे के पास जाकर भाभी से कहा- क्या हुआ भाभी?
भाभी ने कहा- मैं गिर गई हूँ।
उन्होंने कहा- मुझसे तो हिला भी नहीं जा रहा !
तब मैंने कहा- मैं अंदर आता हूँ !
जैसे ही मैं अंदर गया, मैंने देखा तो मेरी आँखें फटी की फटी रह गई

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