मेरी नौकरानी पूनम

Saturday, 14 April 2012

ये बात बहुत पुरानी है..लेकिन मेरी पहली चुदाई की है..इससे पहले मैं रात मे अपनी चड्डी गन्दी करता था..फ़िर एक बार दोस्तों के साथै ब्लू फ़िल्म देखा था..तब भी हाथ से दबाने से ही मेरी लंड से बहुत सारा चिप चिपा गाढ़ा गाढ़ा सफ़ेद जूस निकल गया था..तो दोस्तो किस्सा इस तरह हुआ तब मैं हाई स्कूल में था यह उस वक्त की बात है हमलोग पुणे में रहते थे . हमारे घर में एक नौकरानी थी जिसका नाम पूनम था और उसकी उम्र 30 थी फिगर 36-30-38 था . वोह बहुत सेक्सी लगती थी पर उसका रंग सांवला था और चून्चियां तो ऐसी थी की मेरी दोनों हाथों में एक भी ना आये और हमेशा ऐसा लगता था जैसे कहती हो आओ मुझे चूसो प्यार करो , दबाओ उसकी शादी हो चुकी थी पर उसके कोई बच्चा नहीं था . मैं बहुत नासमझ , डरपोंक और शर्मीला था . एक दिन मैं स्कूल के दोस्तों के साथ जा रहा था तो दोस्तों ने कहा की एक पिक्चर लगी है देखोगे मैंने कहा नही तो वोह बोले चल यार किसी को पता नही चलेगा और वोह मुझे "तेरी बाँहों में " दिखाने ले गए . जोकि ब्लू लगून पर बनी थी . पिक्चर मुझे अच्छी लगी और मुझे कुछ कुछ होने लगा मेरा लंड पैंट मे खड़ा हो गया..मैंने उसे ऊपर से दबाया और मसला तो पैंट मे हाई मेरा सब जूस निकल गया मुझे बहुत शर्म आयी, लेकिन मुझे अलग महसूस हुआ और मैं औरतों की तरफ़ खीचने लगा . मेरी मकान मालिक की एक बेटी थी नाम किरण था और वोह मुझे अच्छी लगने लगी जो की इन्टर में पढ़ती थी . और मैं उनके चून्चियों की तरफ़ ही देखता था .इसके बारे में आग्ली कहानी में लिखूंगा अभी सिर्फ़ पूनम . मैं हमेशा पूनम की तरफ़ नज़र बचा के देखता था पर एक दिन पूनम ने मुझे पकड़ लिया और कहा क्या देख रहे हो संजू बाबा तो मैं बोला कुछ नहीं . वोह हँसी और कहा आजकल गन्दी पिक्चर भी देखते हो और पैंट ख़राब करते हो..मै चुप रहा और वो अपना काम करने लगी . फिर मैं डर गया और उसकी तरफ़ भी नही देखता था एक बार वोह घर में दो दिन तक नहीं आई तो ममी ने मुझे उसके घर भेजा पता करने के लिए .मैं घर पहुँचा और घंटी दबायी तो देखी तो पूनम ने दरवाजा खोला और सामने मैं खड़ा था . देखता क्या हूँ की वोह सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज में थी . एक तो वोह गरीब बाई थी और सेक्सी बहुत थी .उसका पेटीकोट सामने से फटा था जिसमे से उसकी झांटे साफ दिख रही थी . उसने तुरंत अपना पेटीकोट ऊपर खोंसा और मुझे अन्दर आने को कहा . मैं अन्दर गया और पूछा तुम आ क्यों नहीं रही हो , वोह बोली कुछ नहीं उसका पति आया था और चला गया है कल से आऊंगी .तभी उसका पेटीकोट फिर गिर गया और वोह शर्मा गई क्योंकि लगातार मेरी नज़र उसकी चूंची पर थी क्योंकि वोह काफी बड़े थे और उसमे से उसकी निपल दिख रहे थी क्योंकि वोह ब्रा नहीं पहने थी उसने मुझे बिठाया और अन्दर चली गई और साड़ी पहन आई . मैं अभी भी उसकी चूची देख रहा था तभी वोह बोली कोई बात है क्या मेरी मुहँ से निकला तुम्हारे टांगों के बीच इतने बाल क्यों हैं , वोह हडबडाई और मुझे घूरने लगी . मैं घबरा गया और बहार निकल आया . डर भी गया कहीँ वोह ममी से ना कह दे .मैं शाम में उसके घर में गया और बेल बजायी उसने दरवाज़ा खोला मुझे देख अन्दर बुलाया , बोली क्या है मैंने बोला मैंने जो पूछा था उसे ममी से नहीं कहना तोह वोह बोली कहूँगी मैं डर गया और रोने लगा वोह हँसने लगी बोली डरो नहीं नहीं बोलूंगी .उसने मुझे बुलाया और बोली तुम पिक्चर देखने गए थे तो कहा क्या ?. मैं उसे देखता रहा और उसने मेरी दोनों गलों को चूमा और बोली कैसी लगी थी पिक्चर , तो मैंने कुछ नही कहा , तो मुस्कुरा कर बोली कोई बात नहीं ... बता तो दो , फिर मेरी गाल को नोचा . मैंने कहा "अच्छी थी पर कुछ समझ नहीं आई क्योंकि कुछ भी दिखा नहीं और दोस्त कह रहे थे की ब्लू फ़िल्म है ." उसने मेरी चूतर पर थपकी दी और नोचा और कहा "अभी भी नहीं जानते हो की उस पिक्चर में क्या था ." मैंने उसकी तरफ़ देखा और बाहर आ गया फिर घर चला आया . अगले दिन ममी सुबह तैयार हो कर मौसी के यहाँ जाने लगी , तो मुझसे बोली की पूनम जब आए तो बर्तन साफ करा लेना और खाना खा लेना . छोटी बहिन स्कूल चली गाई थी और भइया मुम्बई मे थे .मैंने स्कूल की किताब निकाली और पढने लगा . हमारे घर में बाहर छोटा सा बगीचा था और उसमे मैंने फूलों के पौधे लगाये थे और बकरियां उसे चार जाती थी . तभी पूनम की आवाज़ आई " संजू जल्दी आओ मैंने बकरी पकड़ी है , गेट बंद करो ". मैं तेज़ी से आया और गेट बंद किया तो देखा बकरी के थन काफी नीचे लटके थे , और पूनम बकरी को पकड़े थी . वोह बकरी को पकड़ कर अन्दर ले आई और उसके मुह पर कपड़ा बाँध दिया ताकी वोह चिल्लाये नहीं और मुझसे बोली "संजू यहाँ आओ " और मुझसे बोली मै जरा बर्तन साफ कर लूँ . फिर मैं उसके पास गया और पूछने लगा की बकरी क्यों पकड़ी है तो मेरी ओर मुस्कुरा कर बोली एक काम के लिए और मेरी नज़र उसकी चूची पर पड़ी और ठहर गई उसने मेरी ओर देखा और साड़ी खिसका दी ताकि मुझे और साफ दिख सके मैं खड़ा रहा क्योंकि उसका ब्लाउज बगल से फटा था और उस में से उसका बदन दिख रहा था . उसने जल्दी से काम खत्म किया और मुझे देख कर बोली आओ और बकरी को पकड़ कर अन्दर कमरे में ले आई . फिर नीचे बैठ गयी और बकरी के थन सहलाने लगी ,और बोली लो दूध पियोगे , मैंने कहा बकरी का तो बोली नही तो क्या मेरा , फिर बकरी के थन चूसने लगी और बोली लो अब तुम पियो और मुझे गोद में बिठा कर दूध पिलाने लगी , और मेरी गाल चूमने लगी . मेरी को लगा जैसे मेरा लंड कड़क होकर टूट जाएगा , क्योंकि वो एकदम खड़ा हो कर अन्दर मुड गया था मुझे अच्छा लग रहा था . उसने मुझसे पूछा मजा आया मैंने कहा हाँ .फिर वोह बोली आओ अंदर चलें बेड पर , मैंने कहा हाँ वहाँ उसने अपनी साड़ी उतर दी और ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे सामने आ गयी .मेरा लंड तन गया और मैं अपने लंड को दबाने लगा , उसने कहा क्या है लाओ मैं देखूं , उसने मेरी पैंट उतर दी और अंडरवियर में से लंड को निकाल कर देखने लगी , धीरे धीरे सहलाने लगी मेरे तो होश उड़ गए , फिर उसने मेरे लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी ,मैं हैरान था और बोला क्या कर रही हो वोह बोली तुम्हें पिक्चर समझा रही हूँ .और उसने मेरे लंड को कस कस कर दबाया और बोली मेरे भोले राजा बहुत घूरते हो औरतों को आज तुम्हारी हर इच्छा पूरी कर दूँगी . और उसने मेरा हाँथ अपनी बहुत बड़ी बड़ी चूंचियों पर रख लिया और मेरा लंड झटका खा गया . मैंने पहली बार किसी चूची को छुआ था . मैंने कस कर उसकी चूची पाकर ली और दबाता चला गया वोह चिल्ला परी बस करो नहीं तो टूट जाएँगी , मैंने उसकी चूची को ब्लाउज के ऊपर से चूसना शुरू किया तो बोली ब्लाउज तो उतारो . मैंने एक एक कर के बटन खोले और जैसे मेरे सामने दोनों दूद्दू खुले मैं उससे चिपक गया मेरा लंड उसके फटे हुए पेटीकोट के अम्दर था और उसकी बुर को छू रहा था . उसने मेरा हाँथ अपनी दोनों चूंची पर रखा और बोली लो मेरा दूध पियो , और मैं चालू हो गया एक एक कर के दोनों को छूने लगा आधे घंटे चूसने चाटने के बाद वोह बोली बस करो क्या खा ही जाओगे मैं रूका, उसने अपना पेटीकोट उतारा और मुझे अपनी बुर दिखायी और बोली कभी देखी है , मैंने कहा नहीं तो बोली लो इसको चाटो मैंने तुरंत us पर अपनी जबान रखी और चाटने लगा तो उसके झांटे मेरे मुहँ में जाने लगी तो मैंने कहा इसे साफ तो करो उसने पापा के शेविंग बॉक्स लाने को कहा..मैंने पहले कैंची से उसके झान्ट को छोटा किया और फ़िर साबुन का झाग बने ब्रश से झाग बनाया और फ़िर एक रेज़र से सारे बाल साफ कर दिए उसकी छूट एकदम गुलाबी हो गई थोड़ा सांवला रंग था लेकिन चूत की जगह एकदम गोरी थी क्युकी वो जगह बालों से ढंकी थी...मैंने वहाँ हाथ फेरा वो सि सि सि क..करने ..ये ,मेरा पहला अनुभव था..उसकी चूत पर से थोड़ा थोड़ा ..कुछ पनि जैसा निकल रहा था.मैंने हाथ लगाया वो चिपचिपा था....अब उसकी आंखे भी बंद थी और मुझे भी मजा आ रहा था.क्युकी मैंने तो पहली बार ऐसा किया था. अब उसने कहा साले मेरी चूत को चाट..उसकी ये गली सुन के मई तो हैरान हो गया..लेकिन मुझे मज़ा आया..मैंने उसकी चूत मे अपना मुह लगाया..मै उसकी बुर को चाटता रहा उसने मुझे 69 पोजीशन में लिया और मेरा लंड चूसने लगी 5 मिनट में मेरा जूस निकलने लगा ये मेरा पहली बार था..मै तो डर गया..ये क्या हो रहा है.. तो मैंने कहा पूनम मुझे कुछ हो रहा है तो बोली क्या हो रहा है..मैंने कहा मेरे लंड से कुछ निकलेगा..शायद पेशाब..उसने कहा कोई बात नही मेरे मुह में होने दे तू अपना काम करता रह . तभी मैंने कहा मुझे दूद्ध पीना है तो उसने फिर से बकरी का थन मेरे मुहँ में ल्गागा दिया मैंने कहा इसका नहीं तुम्हारा वोह बोली आज से जब मन चाहे दूध पियो मैं नहीं रोकूंगी .मैंने ठीक है लेकिन तब तक मेरा जूस उसके मुँह मे निकल चुका था...मुझे ऐसा लगा की मेरे लंड से पिचकारी निकल रही है..उसने लंड का सुपाडा अपने जीभ पर रखा था..लंड का फव्वारा उसके सर तक गया..जब पिचकारी खत्म हुयी तो उसने..लंड को मुह मे ले लिया और चूसने और चाटने लगी..फ़िर बोली संजू तू तो बहुत मजबूत है..तेरा पहली बार है न..इसलिए जल्दी निकल गया..अब तू लम्बी रेस का घोडा है..अब मै भी सीधा हो कर लेट गया ..उसने मेरे होठों को चूमा ..मै भी उसे चूमने लगा और चूमते हुए उसकी चूंची तक आया..फ़िर उसके दूध पर दांत गदा दिए वोह चिल्ला पड़ी मत करो लगता है . फिर बोली क्या मुझे चोदना चाहते हो मैंने कहा यह कैसे होता है बोली जब इतना सिखा दिया है और भी सिखा दूँगी , मेरे राजा , और उसने मुझे कहा जब मैं कहूं तो अपना लौडा मेरी बुर में डाल देना उसने मुझे अपने ऊपर से हटाया ..और उठ कर ठीक से लेट गई.मुझसे कहा ये दो तकिये मेरे गांड के नीचे रखो...अपनी गांड उठाते उए.उसने जगह बनायी...मैंने देखा उसकी गांड भी करारी थी.अब उसने मेरे लैंड को फी से सहलाना शुरू किया..वो फ़िर सख्त होने लगा..आज मैंने देखा की उसकी लम्बाई और मोटाई कुछ ज्यादा ही लग रही थी..और बड़े ही जोर से फन फना रहा था उसने मेरा एक हाथ अपने टांगों के बीच चिकनी हो गई चूत पर रखा..पुरी गीली थी..उसने अपने दाने पर मेरा हाथ लगाया और कहा इसको थोड़ा रगड़ फ़िर वो ख़ुद मेरे लुंड को चाटने लगी..बीच बीच मे होठों मे चुस्तो भी थी..वो कहने लगी संजू..इतनी से उमर मे इतना लंबा और मोटा लैंड है तेरा..जिस कुंवारी लड़की को चोदेगा..उसकी चूत का तो सत्यानाश हो जाएगा..मुझे तो लगता है मेरी चूत भी नही सेहन कर पायेगी इसको..मेरी चूत भी मेरे मरद के पतले और नुन्नी जैसे लंड से चुदाती है...लेकिन मई कितना भी चिल्लाऊ तू रुकना मत..अन्दर डाल के..बिल्कुल बेरहमी से चोदना.. और दनादन धक्का लगना , बस फिर क्या था ..अब उसकी चूत भी तैयार हो गई थी...लेकिन फ़िर भी हम क़रीब 15 मिनिट तक और चूमा छाती करते रहे..उसकी चूत से जूस बहा कर गांड की तरफ़ जा रहा था..उसने मुझे अपने पैर फैला के ऊपर उठाते हुए उसके बीच मे आने को कहा..मई घुटने मोड़ कर वह बैठ गया..गांड के नीचे तकिया होने से चूत ऊपर उठ गई थी और उसका मुँह भी थोड़ा खुल गया था..जिसमे से अन्दर की लाली दिख रही थी..उसने अपनी चूत को थोड़ा और आगे खिसकाया और अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर चूत के ऊपर घिसने लगी..उसने मुझसे कहा यह तो कोई मुश्किल नहीं है ना..लेकिन उसके चूत के छोटे से छेद मे मुझे लंड डालना है ये सोच कर मई परेशान था..इसी तरह घिसने के बाद उसने छेद पर लंड को लगाया फिर उसने मुझे खिंचा और मेरे लंड को बुर पर रखा और इशारा किया मैंने जैसे ही धक्का मारा वोह चिल्ला पड़ी मैंने उसके होटों पर कब्जा किया और धक्के पर धक्का मरता रहा लंड फिसलता हुआ अन्दर जा रहा था.पूनम अपने चूतड उछाल उछाल कर चीख रही थी ..अह्ह्ह..शी शी शी..उफ़...उफ़.. गऊऊ ऊ ऊ ऊ , गा आ आ आ आ आ आ , उ उ.ऊ..ऊ.ऊऊ.ऊ.उ.., अआया.अ.आह.ह..हह.ह..ह..हह.हह..हह.हह.ह. ह.हह.., मेरे रे र ऐ राजा , मेरे यार मेरे प्यारे ..क्या मूसल जैसा लंड है.. और .. चोदो मुझे मेरी चूत को फाड़ डालो .. मुझे. माँ.बाना.. ..दो. अपने बच्चे की .. माँ मेरे मरद के लौडे मे ताकत ही नही है..आह्ह..मैंने पूछा वो भी ऐसे ही छोड़ता है क्या...अरे नही मेरे राजा..वो होता तो अभी उसका पानी निकल जाता..मुझे रेत डालो मुझे चूस डालो ..मसल दो मुझे..मेरी जवानी बेकार हो रही थी .. मुझे चोदो...और जोर से..पोर लंड अन्दर तक डालो..अच्छा लगता है जब इसका सुपाडा.मेरे बच्चेदानी को दबाता है.., आह्ह्ह..दर्द हो रहा...रुको नही...मरो..मेरी चूंची को मसलों..घुंडी को मुँह मे ले कर चुसो..वो जैसा कह रही थी मै वैसा ही कर रहा था., अहह हह..ह..ह.हह.हह.हह.हह. लग.. रहा. ..हैईईईईईईईइ.., और. करो. ना.... मुझे आज गाभन कर दो..मेरे पेट मे तेरा बच्चा डाल दे संजू मैंने एक हाथ उसकी गांड के नीचे डाला और उचालती हुयी गांड मे मैंने ऊँगली कर दी..उईईई ...तुझे मेरी गांड भी दूंगी मेरे राज्जा...वो कुंवारी है..मेरे मरद ने कोशिश की लेकिन उसका लंड कमजोर है अन्दर ही नही गया..तेरा मोटा..और लंबा भी है..साथ मे लोहे जैसा सख्त..तू जरुर मेरी गांड फाड़ देगा...तुने तो चूत भी फाड़ दी है मेरी..आह्ह..रंडी बाना दो मेरी गांड मर्लो मेरा मुहँ काला कर दो ....मेरी... इज़्ज़त... लूट... लो... और नजाने क्या क्या चिल्लाती रही मेरा लंड पिस्टन जैसा अन्दर बाहर हो रहा था..बीच मे तीन बार वो झड़ गई..मुझे चिपटा लिया.उसके झड़ने सेस चूत और चिकनी हो गई थी. क़रीब 45 मिनट बाद मेरा लंड झड़ने लगा और मेरा लंड मैंने पूरी गहराई मे डाल दिया.मै एकदम थक सा गया था मैंने उसकी बुर में ही सब निकाल दिया वोह भी थक गयी थी और बोली मज़ा आ गया राजा , इस चुदाई को याद रखूंगी , तुमने तो मेरी जवानी खिला दी , बहुत बड़ा लंड रखे हो कहाँ छुपा रखा था , मैंने कहा पूनम क्या यही चुदाई है बोली हाँ राजा तुमने आपनी पूनम रानी को चोद दिया . आब तुम जहाँ बोलो जब बोलो मैं चुदवाउंगी . और फिर एक बार मैंने उसके चूची को चूसा फिर मेरा खड़ा हो गया..इस बार पूनम ने मुझे नीचे सोने को कहा और मेरे ऊपर चढ़ कर उसने अपने हाथ से लंड को अपनी चूत मे डाला..लेकिन जैसे ही उसने अपनी गांड मेरे लंड पर दबाई तो फ़िर से चीख पड़ी..अईई..मर गई..आह्ह..आह..ऐसा करते हुए उसने गांड ऊपर नीचे करना शुरू किया..क़रीब 20 मिनट करने के बाद मैंने उसे पकड़ के अपने नीचे ले लिया था और मैं फिर पूनम पर चढ़ गया और उसे पेलने लगा वोह मना कर रही थी कह रही थी बहुत दर्द हो रहा है..असल मे वो फ़िर से दो बार झड़ गई थी. पर मै नहीं माना और एक तरह से उसका बलात्कार करने लगा जब मैं फिर झडा तो वोह बोली राजा तुम तो बड़े वोह हो मेरे मना करने पर भी मेरी चूत को चोद दिया .मैं तो तुम्हें बच्चा समझ रही थी तुम तो बड़े चोदु निकले और वोह मेरे लंड को चाटने लगी मैंने कहा मुझे पेशाब आई है वोह बोली चलो करा दूँ . वहाँ उसने मेरा सारा पेशाब मुहँ में लेकर पी लिया और बोली चलो आज ही तुम्हें चोदना सिखा दिया अब तुम मेरी कुंवारी गांड मर लो मैंने कहा यह क्या होता है उसने अपना चूतड मुझे दिया और बोली यह छोटा सा छेद जिसमे तुम ऊँगली डाल रहे थे, इसे गांड कहते हैं मगर इसे मारने में दर्द होगा . मैंने उसकी गांड पर हाथ मारा लो मर दी , वोह हँसने लगी और मेरे होटों को चूसते हुए बोली मेरे संजू राजा जी इसमें अपना लंड तो डालिये जैसे मेरी चूत मे डाला था . मैंने जब ये सुना तो बिना सोचे समझे उसकी गांड के छेद पर लंड को टिकाया और दबाने लगा..गांड थोड़ी गीली थी..क्युकी उसकी चूत का जूस और मेरे लंड की मलाई बह कर गांड तक आ गई थी..इसलिए थोड़ा सा सुपाडा अन्दर घुसा ..मैंने और धक्का मारा वोह चिल्लायी राजा पहले तेल तो लगाओ नहीं तो मुझे बहुत दरद होगा और ये मोटा लंड अन्दर जाएगा भी नही . मैंने कहा तो तुम ले आओ तेल . वोह उठी और नंगी ही तेल लेने गई उसके मोटे चूतड ऐसे हिल रहे थे की मेरा दिमाग हिल गया मैंने दौड़ कर उसे पीछे से पकड़ लिया और आँगन में ही उसे कुतिया बना कर उसके हाथ से तेल लिया और अपने लंड पर और उसकी गांड पर तेल लगाया और उसकी गांड पर लंड रख दिया वोह बोली अन्दर चलो पर मैं नहीं माना और धक्का मार दिया जरा सा अन्दर गया था की वो चीख उठी..अरे मार डाला रे..आह्ह्ह मेरी माँ...मेरी गांड फट जायेगी..निकालो..बाहर निकालो..और वोह रोने लगी नहीं डालो दर्द हो रहा है मैंने पूछा क्या पहली बार है वो बोली हाँ मैंने सुना था की दीदी जीजा से गांड मरवाती है. मै भी अपने पति से मरवाना चाहती थी..लेकिन उसका लंड तो एकदम मरियल है..पहली रात मे उसका लंड मेरी चूत मे ही नही घुस रहा था..घुसाने के पहले दो बार बाहर ही पानी निकल दिया था..इसलिए मैंने उससे गांड मरवाने का कोई इरादा नही किया..लेकिन आज तुम्हारे इस मूसल और लोहे जैसे सख्त लंड को देख कर मेरी फ़िर से इच्छा हो रही थी ईसलिए तुमसे कहा . पर तुम्हारे इस मोटे लंड से इतना दर्द हो रहा है मई सहन करना चाहती हु..पर बहुत दर्द हो रहा है मत करो .. तो मैंने कहा हो सकता है अभी दर्द हो बाद में नहीं और मज़ा भी बहुत आये..वो बोली ठीक है जो चाहे करो मारो मेरी गांड राजा जी . आपकी ही चीज़ है जैसे चाहे इस्तेमाल करो , मैंने दूसरा धक्का लगाया वोह चिल्लायी फिर तीसरा ..जो की जबर्दस्त था और पूरा 8" लंड फ़चाक..की आवाज़ के साथ अन्दर मेरे गोटे उसके चूतड से टकराए..मैंने हाथ बढ़ा कर उसकी नीचे लटकी चून्चिया..पीछे से पकड़ ली...और फ़िर मैंने मारा धक्के पे धक्का वोह चिल्लाती रही .. बस करो फट गई मादरचोद .. बेहनचोद. ..बेटिचोद.. मार... डाला... अब... रहने... दो.... मत. करो... मार... डालोगे... और न जाने क्या क्या बोलती रही..मैंने देखा मेरे लंड पर खून लग गया था..उसकी गांड सच मे फट गई थी..लेकिन मै रुकने की हालत मे नही था..वो..रोक रही थी.. पर मैं नहीं माना..अब मैंने उसकी चूत मे ऊँगली दाल दी और चूत को ऊँगली से चोदने लगा..वो आह्ह..उह्ह .. कर रही थीमैंने लंड आधा निकाला..और बचा हुआ तेल उस पर डाला..इससे लंड अब आराम से अन्दर जाने लगा..इधर उसकी चूत भी ऊँगली से चुदवा रही थी.. और 15 मिनट में वोह मज़ा लेने लगी उसका दर्द कम हो गया था... कुतिया जैसे उछलने लगी गाना गा रही थी..गांड मारे सैयां हमार..मोटे से लौडे पे खून लाल लाल..गांड मारे सैयां हमारे..और भी अजीब अजीब हरकत कर रही थी..और उसकी चूत झड़ गई.. मैंने भी अब स्पीड बढ़ा दी..लेकिन मेरा लंड झड़ने का नाम नही ले रहा था...क़रीब आधे घंटे गांड मारने के बाद मुझे लगा की मेरा लंड झड़ने वाला है..और 8- 10 धक्के जोर से लगाने के बाद पुरा लंड अन्दर डाल कर मै झड़ गया.. तो वो बोली राजा जी आज तो मैं फ़िर से जवान हो गई मज़ा आ गया है दिलखुश हो गया . मैंने भी कहा मुझे भी बहुत मजा आया मैंने उसकी गांड से लंड बाहर निकाला..उसके खून लगा हुआ था..और जैसे ही बाहर खींचा..पक की आवाज़ हुयी और मैंने देखा उसकी गांड खुली ही रही..अंग्रेज़ी के "O" जैसी..और उसमे से मेरी मलाई बाहर निकलने लगी थी ..हम दोनों ने बाथरूम मे साफ किया..और कमरे मे आ गए..और वैसे ही नंगे सो गए .. क़रीब एक घंटे के बाद वो उठी...मेरी ममी के आने का वक्त हो गया था..उसने कहा संजू राजा ..आज तो तुम भी जवान हो के मर्द बन गए हो..मैंने उसे फ़िर से चोदने के लिए कहा..उसने कहा आज नही..बहुत दर्द कर रहा है..बाद मे ..मेरी ममी ने अने के बाद कहा की कल वो मौसी के साथ नासिक जाने वाली है..पूनम को कुछ काम समझाया..और मुझे कुछ हिदायत दी..तब पूनम ने मुझसे कहा मेरे राजा कल और मौका है..दुसरे दिन की चुदाई तो घमासान थी..वो फ़िर कभी..क्युकी उस चुदाई के बाद पूनम दो दिन काम पर नही आई थी..और मै जब उसके घर गया था तो उसने मुझे..अपनी फूली हुयी चूत दिखा के कहा था की तुमने क्या हालत की है मेरी..देख लो मुझसे चला भी नही जाता..लेकिन बाद मे वो काम..पर आयी.. तो दोस्तों और ऐसे मैंने 18 साल की उमर में पहली चुदाई की जो मेरी सेक्सी पूनम ने सिखाई..बाद मे मै उसे दो साल तक चोदता रहा..और उसे आज बच्चा भी है जो मेरा है उसकी आंखें और नाक मेरे से मिलते है .और वोह बहुत खुश है मुझसे वो अपने घर बुला कर भी चुदवाती थी ,उसकी दीदी के सामने उसके घर पर चोदा..उसकी छोटी बहन..शीला की सील भी मैंने तोडी..जो की उसके घर आयी थी कुछ दिन के लिए -- Rohit Singh इतने बदनाम हुए हम तो इस जमाने में (Itne Badnaam hoye hum iss jamane main) तुमको लग जाएंगी सदियां इसे भुलाने में (Tumko lag jayengi sadiya isse bhulane main) न तो पीने का सलीका, न पिलाने का शऊर (Na to peene ka salika, na pilane ka shaur) अब तो ऐसे लोग चले आते हैं मैखाने में (Ab to aise log chale aate hai maikhane main)

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